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हिमाचल मानसून सत्र: विधायकों को मिलेगी झंडी, हर जिले का अलग-अलग फ्लैग होगा

हिमाचल के विधायकों को मिलेगी झंडी, हर जिले के लिए होगा अलग फ्लैग
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने मानसून सत्र के अंतिम दिन दी जानकारी
एक सप्ताह में अधिसूचना, बजट सत्र में विधायकों ने उठाई थी झंडी देने की मांग


शिमला। हिमाचल प्रदेश के विधायकों को अब सरकारी स्तर पर झंडी मिलेगी। खास बात यह होगी कि प्रदेश के हर जिले के लिए अलग-अलग फ्लैग निर्धारित किया जाएगा। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने सदन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा सचिवालय की ओर से इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

विधायकों को झंडी देने का यह फैसला उस मांग के बाद आया है, जिसे विधायकों ने इससे पहले विधानसभा के बजट सत्र में उठाया था। विधायकों का तर्क था कि जब मुख्य सचिव, सचिव, उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) जैसे अधिकारियों को झंडी दी जाती है तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इससे वंचित क्यों रखा जाए। अब विधानसभा स्तर पर इस मांग को स्वीकार कर लिया गया है।

हर जिले का होगा अलग फ्लैग

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने सदन में स्पष्ट किया कि विधायकों को दी जाने वाली झंडी सामान्य रूप से एक जैसी नहीं होगी, बल्कि हर जिले का अलग-अलग फ्लैग होगा। इससे संबंधित व्यवस्था और औपचारिक अधिसूचना विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी की जाएगी।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद संबंधित जिले के विधायक अपने क्षेत्र और जिले की पहचान वाले फ्लैग का इस्तेमाल कर सकेंगे। विधानसभा में विधायकों की ओर से उठाई गई मांग को अब मंजूरी मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

बजट सत्र में विधायकों ने उठाया था मुद्दा

विधायकों ने इससे पहले बजट सत्र के दौरान झंडी दिए जाने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था में विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी झंडी की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जनता द्वारा चुने गए विधायकों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए।

विधायकों ने इसी आधार पर सवाल उठाया था कि जब मुख्य सचिव, सचिव, डीसी और एसपी को झंडी दी जाती है तो विधायकों को झंडी क्यों नहीं दी जा सकती। उनकी मांग थी कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाए।

अब मानसून सत्र के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सदन में इसकी जानकारी दिए जाने के बाद विधायकों की यह मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है।

एक सप्ताह में जारी होगी अधिसूचना

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में विधानसभा सचिवालय एक सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करेगा। अधिसूचना जारी होने के बाद झंडी से जुड़ी व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू हो सकेगी।

यह फैसला मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में सामने आया। इससे पहले पूरे सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

सरकारी नौकरियों को लेकर भी सदन में चर्चा

मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में सरकारी नौकरियों और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। नियम 130 के तहत चर्चा के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि दिसंबर 2026 तक प्रदेश में 18 हजार सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल में एक लाख सरकारी नौकरियों का आंकड़ा छुएगी। सरकार की ओर से रोजगार को लेकर यह दावा ऐसे समय किया गया, जब सदन में बेरोजगारी और सरकार की गारंटियों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए।

बेरोजगारी और गारंटियों पर विपक्ष का विरोध

सरकार के रोजगार संबंधी जवाब के दौरान विपक्ष ने बेरोजगारों के साथ कथित अन्याय और चुनावी गारंटियों के मुद्दे को उठाया। विपक्ष ने सरकार पर अपने वादों को पूरा नहीं करने के आरोप लगाए और सदन में विरोध दर्ज कराया।

इसी दौरान विपक्ष ने वॉकआउट भी किया। इस तरह मानसून सत्र के अंतिम दिन एक ओर जहां विधायकों को झंडी देने का महत्वपूर्ण फैसला सामने आया, वहीं दूसरी ओर रोजगार और गारंटियों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव भी देखने को मिला।

मानसून सत्र के अंतिम दिन कई मुद्दे रहे चर्चा में

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र इस बार कई राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा। सत्र के अंतिम दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न विषयों को लेकर बहस हुई। इसी दौरान विधायकों को झंडी देने की व्यवस्था की जानकारी सामने आई।

अब विधानसभा सचिवालय की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था की अधिसूचना जारी किए जाने का इंतजार रहेगा। अधिसूचना के बाद यह स्पष्ट होगा कि जिलावार फ्लैग की व्यवस्था किस तरह लागू की जाएगी और विधायकों के लिए इसके इस्तेमाल से जुड़े क्या प्रावधान होंगे।